स्टार्टअप्स के लिए 10,000 करोड़ रुपये की नई योजना जल्द
नई दिल्ली। देश में स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए सरकार अब 10,000 करोड़ रुपये के साथ स्टार्टअप इंडिया फंड ऑफ फंड्स 2.0 की शुरुआत करने जा रही है। यह कोष प्रौद्योगिकी, प्रारंभिक विकास चरण और नवाचार आधारित विनिर्माण स्टार्टअप का समर्थन के लिए है। सरकार ने इसके लिए अधिसूचना जारी कर दी है। इसका उद्देश्य देश के स्टार्टअप इकोसिस्टम के लिए उद्यम और विकास पूंजी जुटाना है। इसके लिए अनुभवी लोगों को लेकर उद्यम पूंजी निवेश समिति बनाएगा।
योजना की निगरानी के लिए तंत्र भी बनेगा
उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग इस समिति की संरचना और संचालन संबंधी दिशा-निर्देश जारी करेगा। योजना के अमल के लिए मजबूत निगरानी और निरीक्षण तंत्र भी बनेगा। इसमें सरकार और संस्थागत निवेशकों द्वारा सह-निवेश के प्रावधान भी शामिल किए गए हैं। यह योजना देश की आर्थिक दृढ़ता को मजबूत करने, विनिर्माण क्षमताओं को बढ़ाने, उच्च गुणवत्ता वाली नौकरियों का सृजन करने और भारत को एक वैश्विक नवाचार केंद्र के रूप में स्थापित करने में योगदान देगी।
तिपहिया इलेक्ट्रिक वाहनों पर सब्सिडी बढ़ी
पश्चिमी एशिया संकट के चलते ऊर्जा क्षेत्र में आई परेशानियों से निपटने के लिए केंद्र सरकार ने इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देना शुरू कर दिया है। इसके तहत पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत तिपहिया इलेक्ट्रिक वाहन यानी ई-रिक्शा, ई-कार्ट आदि के लिए सब्सिडी की समय सीमा 31 मार्च, 2028 तक बढ़ा दी गई है। इसी तरह, पंजीकृत दुपहिया इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए के लिए सब्सिडी की आखिरी तिथि 31 जुलाई, 2026 की गई है। भारी उद्योग मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव हनीफ कुरैशी ने अंतर मंत्रालयी ब्रीफिंग में बताया कि सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों के निर्माण और अपनाने को बढ़ावा दे रही है। यह केवल ऊर्जा सुरक्षा की स्थिति को ध्यान में रखते हुए ही नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत की दिशा में भी एक अहम कदम है। उन्होंने कहा कि पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत तिपहिया रिक्शा के लिए सब्सिडी मार्च 2026 तक थी, अब इसे दो साल बढ़ाकर मार्च 2028 तक कर दिया गया है। इसी तरह इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों के लिए लिए सब्सिडी 31 जुलाई तक कर दी गई है। उन्होंने यह भी कहा कि पश्चिम एशिया संकट के कारण आपूर्ति शृंखला में आई समस्याओं को देखते हुए ट्रकों और बसों के लिए चरणबद्ध निर्माण कार्यक्रम दिशानिर्देशों में छह महीने की छूट दी गई है।